Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Mayank Kumar 'Singh'

Romance

5.0  

Mayank Kumar 'Singh'

Romance

मदहोशी

मदहोशी

1 min
291


इश्क क्या किया जिंदगी तबाह हो गई

तुम्हारी यादों के जंजीरों का शिकार हो गई

तुम तो चली गई किसी और पिया संग

हमारी जिंदगी तबायत का शिकार हो गई

जहां देखो वहां अंधेरा पसरा है

जिंदगी रौशनी की मोहताज हो गई

इश्क क्या किया जिंदगी तबाह हो गई . .



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance