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Tejeshwar Pandey

Tragedy


5.0  

Tejeshwar Pandey

Tragedy


मैं वही इंसान हूँ

मैं वही इंसान हूँ

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कल तक जो सबको

हँसना सिखाता था

मुश्किलों का सामना

करना सिखाता था।


जो कहता था

चाहत में धोखा न देना

बेवफा कहलाने का

मौका न देना।


आज आपनों से

धोखा खाए बैठा हूँ

पलकों में आंसू

दबाये बैठा हूँ।


जो कल तक था

खुशियों का चमन

आज गमों से भरा हूँ

मैं वही इंसान हूँ !


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