Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Rajit ram Ranjan

Romance

2  

Rajit ram Ranjan

Romance

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता

1 min
382


दर्द दिल का उसे दिखाना नहीं चाहता

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता

बेवफ़ा है वो जबसे पता चला 

मैं किसी और से दिल लगाना भी नहीं चाहता

टूटे हुए दिल के टुकड़ो को मैं सी लेता,

मगर फिर से आशियाना बनाना नहीं चाहता

दर्द दिल का उसे दिखाना नहीं चाहता

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता!


बहुत सह लिए ग़म जुदाई का

फिर से ये रोग लगाना नहीं चाहता

करा ली मरम्मत मैंने इश्क़ के बरसात

में चुते घर कि, 

अब और लागत लगाना नहीं चाहता

बहुत राते काटी हैं

हमने अंधेरों में 

अब दीपक जलाना नहीं चाहता

दर्द दिल का उसे दिखाना नहीं चाहता

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता!


छोड़ दिया मैंने सफर करना 

ट्रैन, बस, ऑटो-रिक्सा चाहत कि गाड़ियों से,

फिर से जाना भी नहीं चाहता

मैं अकेले तनहा ही ख़ुश हूँ, 

इस ख़ुशी को बढ़ाना भी नहीं चाहता

बेवजह घड़ी-घड़ी मुस्कुराना भी

नहीं चाहता

दर्द दिल का उसे दिखाना नहीं चाहता

मैं उसे कुछ बताना भी नहीं चाहता!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance