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Pankaj Prabhat

Romance

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Pankaj Prabhat

Romance

मैं तो दीवाना हो रहा हूँ

मैं तो दीवाना हो रहा हूँ

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तेरी ज़ुल्फों में सो रहा हूँ, तेरी बाँहों में खो रहा हूँ,

अरे कोई मुझे सँभालो, मैं तो दीवाना हो रहा हूँ।

तेरी आँखों से पी रहा हूँ, तेरी रूह से जी रहा हूँ,

अरे कोई मुझे सँभालो, मैं तो दीवाना हो रहा हूँ।


कई जन्मों-जन्म से है शायद, ये तेरा मेरा नाता,

इक जन्म में तो कोई, नही इतना दिल को भाता,

हर बार तेरी ही खातिर, इस दुनिया में आ रहा हूँ,

तेरी हसरत में मर रहा हूँ, तेरी शोहबत में जी रहा हूँ।

अरे कोई मुझे सँभालो, मैं तो दीवाना हो रहा हूँ।


तेरे हुस्न से है घायल, मेरे इश्क का हर फसाना,

कभी घटती नही मोहब्बत, बदलता रहा ज़माना,

तेरे साथ से सँवर कर, मैं पंकज सा खिल रहा हूँ,

तेरी चाहत से धूल रहा हूँ, तेरी खुशबू में घुल रहा हूँ।

अरे कोई मुझे सँभालो, मैं तो दीवाना हो रहा हूँ।



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