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Thomas Augustine

Drama Romance

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Thomas Augustine

Drama Romance

मैं तो बस इतना ही चाहता हूँ।

मैं तो बस इतना ही चाहता हूँ।

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नज़र में तुम आती हो,

तो सवेरा हो जाता है,

जो तुम चली जाती हो,

तो अँधेरा हो जाता है।


है दीवानगी इक नशा,

नशे में मुझे रहने दो।

पास तुम्हारे,

तुम यूँ ही मुझे जीने दो।


बातें तुम्हारी, मदहोश कर देती है,

ख्याल वो आप का, दीवाना कर देता है।


ना दौलत ना महल कुछ चाहता हूँ,

आपकी दोस्ती, आप का प्यार,

मैं तो बस इतना ही चाहता हूँ ।।


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