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Saurabh Chauhan

Abstract

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Saurabh Chauhan

Abstract

मैं दूर सही, ख़ामोश सही

मैं दूर सही, ख़ामोश सही

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मैं दूर सही, ख़ामोश सही 

मैं कोई दुश्मन तो नहीं 


मैं आवारा सही, लापरवाह सही 

ज़िन्दगी से बेपरवाह तो नहीं 


ये ढोल क्यों, ये धमाके क्यों 

मैं कोई बहरा तो नहीं 


इसको छोड़ दूँ, उसको मार दूँ 

इंसान हूँ, कोई आदमी नहीं 


मैं लाचार सही, थका हुआ सही 

ज़िंदा हूँ, अभी मरा नहीं।


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