STORYMIRROR

Rashi Rai

Tragedy

3  

Rashi Rai

Tragedy

मैं अबला मैं आधी आबादी

मैं अबला मैं आधी आबादी

1 min
274

मैं अबला मैं आधी आबादी

जीवन देती

लाती खुशहाली

फिर भी नाम मेरे इतने अच्छे नहीं

कहीं भोग विलास

कहीं निज रास

के लिए उपेक्षित

क्यों ऐसा किस लिए ऐसा

माना कुछ अबलायें

अबला का रूप धर

करती चाल विशाल

माना कुछ अबलायें

दूसरी की हँसी

भी ना सह पाए

पर क्या ये वांछित है

इन कुछ के लिए

सारी अबला हो

ऐसी ही और

सबके व्यंग्य नज़रें

और उपहास का स्वाद चखें

क्या ये सही है?


सोचिए ज़रा कभी बाकी

आबादी का नाम

खराब हुआ है

अप शब्द भी उनकी घर की

अबलाओं को कहे गए हैं

मैं नहीं कहती ना ये मानती हूँ कि

सारे ही बुरे होते

पर कुछ तो जरूर होते ही है

पर जब बात जवाबदेही की आती है

भुगतती वो अबला ही है !

क्या इसीलिए उसे देवी

कहा गया

मंदिर में एक रूप को पूजा

और बाहर उसे ही दुत्कारा

ये कैसा समाज

और ये कैसी लड़ाई

जहाँ अबला ने अबला

होने की क़ीमत चुकायी !


ये आबादी है आबादी

आधी हो सवा हो

कुछ भी हो

सही स्वरूप और सही व्यक्तित्व

को सम्मान मिलना ही चाहिए

बिना ये देखे की वो है क्या

और कितनी दौलत कितने

समर्थक उसके है !


मैं अबला मैं आधी आबादी

जीवन देती

लाती खुशहाली..



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy