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Diksha Bishen

Drama

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Diksha Bishen

Drama

मैं अभिलाषा इस रचना की

मैं अभिलाषा इस रचना की

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अभिलाषा इस जीवन की

मैं आसमान की पंख बनूं।।

अर्पण हो जाऊं मालाओं में

ऐसे प्रभात की पुष्प बनूं।।


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