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वाह ये ज़िन्दगी

वाह ये ज़िन्दगी

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सफ़र जिन्दगी का मजा आ गया

चला जबसे था तबसे बेहोश था

तजुर्बे मेरे साथ ऐसे रहे

मैंने मौके दिए लोग देते चले

आंधियां भांप जाना तो आसान था

मैंने इन्सान समझने में बड़ी भूल की

सफ़र जिन्दगी का मजा आ गया


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