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Chetan Gondalia

Romance

3.8  

Chetan Gondalia

Romance

मैं आ रहा हूँ

मैं आ रहा हूँ

1 min
320


मैं आ रहा हूँ।

जीवन बन तुझ में धड़कने,


मैं आ रहा हूँ।

प्राणवायु बन तुझ में घुलने,


मैं आ रहा हूँ।

श्रृंगार बन तेरे रूप में दमकने,


मैं आ रहा हूँ।

बेनी-गजरा बन बालों पे संवरने,


मैं आ रहा हूँ।

बसंती दुपट्टा बन कंधों को ढंकने,


मैं आ रहा हूँ।

तेरा मान, होठों का गान बनने,


मैं आ रहा हूँ ।

तेरी लज्जा, तेरी इज़्ज़त,

तेरा ध्यान, अमृतपान बनने ,


इंतज़ार करना प्रिये,

मैं आ रहा हूँ। मैं आ रहा हूँ ।


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