Chetan Gondaliya
Abstract
इक मुद्दत से आरज़ू थी कि
फ़ुरसत मिले तो सब से मिलें...
और फ़ुरसत मिली तो इस
शर्त पर मिली के
किसी से न मिलें।
निवृत्त सेनान...
सबसे सच्चा और...
सफर जारी है.....
सूख लगे...
फ़ुरसत
समय बहरा होता...
जरूरी था...
सीख लो..
किये होंगे...
जैन धर्मी अनुयायी करे जैन धर्म चिंतन, हर्षोल्हास से मनाकर पर्युषण पर्व, दस धर्म दस द जैन धर्मी अनुयायी करे जैन धर्म चिंतन, हर्षोल्हास से मनाकर पर्युषण पर्व, दस ...
है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला। है पूजा मैथिली ने और सुमन से सजाया, है हिन्दी के भवन में, दुर्गा तेरा उजाला।
गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।। गणपति आज कृपा की बारी। जीवन बहुत लगे अब भारी।।
चॉक्लेट चूरन तेल साबुन खबरों वाले अब अख़बार नहीं होते। चॉक्लेट चूरन तेल साबुन खबरों वाले अब अख़बार नहीं होते।
जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूरा करते दे जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूर...
इसके प्रभाव से सामाजिक उत्थान हुआ एक दौड़ की परिधियों के पार हुई। इसके प्रभाव से सामाजिक उत्थान हुआ एक दौड़ की परिधियों के पार हुई।
जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल जाएं जो बाल्यकाल में भ्राता को विष देने का साहस करता, कि लाक्षागृह में धर्म राज जल...
एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं। एक फूल का मिट जाना हीं, उपवन का अवसान नहीं।
तुम्हारा खड़ा होना, मेरे मन की चौखट पर और मेरे इंतजार का बिखरना, तुम्हारे पैरों के नीचे एक ... तुम्हारा खड़ा होना, मेरे मन की चौखट पर और मेरे इंतजार का बिखरना, तुम्हा...
हर दिल में होती है एक ख्वाबों खयालों की दुनिया । हर दिल में होती है एक ख्वाबों खयालों की दुनिया ।
गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा। गीत लिखूंगा मैं गांऊंगा मैं ऊंचे स्वरों में भारत देश की महिमा।
आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अपमान सती स आज्ञा पाकर शिव शंकर से सती पिता के घर तो आ गई। किंतु पिता के मुख से पति का अप...
पाँव अब रुकने नहीं हैं चाहे झँझावात हो। पाँव अब रुकने नहीं हैं चाहे झँझावात हो।
सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्रों में झांक सर पर फैलाई थी रंगीन छतरी, जिसके अनगिनत, छिद्र...
दे जाती है मुझे शब्द और मेरी कल्पना का अविरल रूप बन जाती है। दे जाती है मुझे शब्द और मेरी कल्पना का अविरल रूप बन जाती है।
हमने अंग्रेज़ी में सोचना सीख लिया है, पर हम महसूस हिंदुस्तानी में करते हैं. हमने अंग्रेज़ी में सोचना सीख लिया है, पर हम महसूस हिंदुस्तानी में करते हैं.
थम सी जाती ज़िन्दगी और समय चक्र मुस्कुराता कहीं थम सी जाती ज़िन्दगी और समय चक्र मुस्कुराता कहीं
पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।। पल-पल रखते उनका ध्यान, एक दूजे पर छिड़के जान।।
शब्दों की अपनी गरिमा है, भावों की अनुपम महिमा है। मृदु मंत्रों के पुष्पहार से, अनघ हृद... शब्दों की अपनी गरिमा है, भावों की अनुपम महिमा है। मृदु मंत्रों के पुष्...
तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में, तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में,