Chetan Gondaliya
Inspirational
ना थके कभी पैर,
ना कभी हिम्मत हारी है
ना थके कभी हाथ, ना थकी कलम,
और ना कभी सूखी स्याही है;
हर पल चलना, संदेश हर बारी है,
जज्बा है "परिवर्तन" का
इसलिए "सफर" जारी है.
निवृत्त सेनान...
सबसे सच्चा और...
सफर जारी है.....
सूख लगे...
फ़ुरसत
समय बहरा होता...
जरूरी था...
सीख लो..
किये होंगे...
सजी हुई है पावन धरती हिमालय के गलियारों में। सजी हुई है पावन धरती हिमालय के गलियारों में।
नहीं हूँ अबला अब मैं, हो गई हूँ सबला नारी मैं। नहीं हूँ अबला अब मैं, हो गई हूँ सबला नारी मैं।
मैं हूँ कवयित्री, राष्ट्र सन्देश की खातिर अपनी कलम चलाती हूँ ... मैं हूँ कवयित्री, राष्ट्र सन्देश की खातिर अपनी कलम चलाती हूँ ...
आलिंगन साकार तो उन्हीं का है जिन्हें मीलों की दूरियाँ भी जुदा नहीं कर सकतीं। आलिंगन साकार तो उन्हीं का है जिन्हें मीलों की दूरियाँ भी जुदा नहीं कर सकतीं।
इस दुनिया में जीने वाले से ज्यादा इज्जत मरने वाले की है, लगता है यहां जीवन से तो मौत अच इस दुनिया में जीने वाले से ज्यादा इज्जत मरने वाले की है, लगता है यहां जीवन से...
बातें तुम्हें सुनाऊँ नयी पुरानी है। हिन्द देश में हम सारे हिंदुस्तानी है ।। बातें तुम्हें सुनाऊँ नयी पुरानी है। हिन्द देश में हम सारे हिंदुस्तानी है ।।
है प्रशंसा मंत्र ऐसा जो छू मन्तर कर देता हीन भावना को सहज ही। है प्रशंसा मंत्र ऐसा जो छू मन्तर कर देता हीन भावना को सहज ही।
नारी ही होती वो ताकत है जो दुनिया की सबसे बड़ी दर्द को सह कर देती अपने बच्चे को जन्म है नारी ही होती वो ताकत है जो दुनिया की सबसे बड़ी दर्द को सह कर देती अपने बच्चे को ...
कैसे एक ही शरीर में इतने रंग समाए किसीको मालूम हो तो मुझे बतलाए? कैसे एक ही शरीर में इतने रंग समाए किसीको मालूम हो तो मुझे बतलाए?
तिरंगा करता प्रफुल्लित , भाव विभोर ,आंखें नम। तिरंगा करता प्रफुल्लित , भाव विभोर ,आंखें नम।
नफरत को मिटाकर प्रेम का संदेश लाया ये होली का त्यौहार है। नफरत को मिटाकर प्रेम का संदेश लाया ये होली का त्यौहार है।
ईश्वर – एक सुखद अनुभूति , एक मनमोहक व मधुरिम एहसास है। ईश्वर – एक सुखद अनुभूति , एक मनमोहक व मधुरिम एहसास है।
नीले आसमान में लहराता तिरंगा शान से वीरता के रंग में रंगा हुआ दिखता आसमान में। नीले आसमान में लहराता तिरंगा शान से वीरता के रंग में रंगा हुआ दिखता आसमान मे...
हार जाऊं प्रयासों में भले ही पर हौसला अपना ना हारने दूंगी। हार जाऊं प्रयासों में भले ही पर हौसला अपना ना हारने दूंगी।
सुनो गाथा भारत महान की भरत शिशु बालपन में गिनता शेर के दांत जहां। सुनो गाथा भारत महान की भरत शिशु बालपन में गिनता शेर के दांत जहां।
बिटिया हमारी हो गई है बड़ी । बिटिया हमारी हो गई है बड़ी ।
साधारण सामान्य सा मामूली इंसान हूँ मैं। साधारण सामान्य सा मामूली इंसान हूँ मैं।
चढ़ाकर गहरा रंग देशभक्ति का, समस्त श्रष्टि में होवे विख्यात।। चढ़ाकर गहरा रंग देशभक्ति का, समस्त श्रष्टि में होवे विख्यात।।
मेरा देश, भारत देश, सिर्फ तेरे आगे सिर झुकता है। मेरा देश, भारत देश, सिर्फ तेरे आगे सिर झुकता है।
देश की मेरे सुबह अनोखी कितनी प्यारी शाम है। हर रज कण चन्दन सा पावन शोभा अमित ललाम। देश की मेरे सुबह अनोखी कितनी प्यारी शाम है। हर रज कण चन्दन सा पावन शोभा अम...