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Geeta Upadhyay

Inspirational

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Geeta Upadhyay

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मां तुझे सलाम

मां तुझे सलाम

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दोस्तों चलो जश्न आजादी का,

हम आज मनाते हैं।

मां तुझे सलाम सब मिलकर गाते हैं।


वो आजादी की दुल्हनिया थे लाए

लहू से उसकी मांग सजाये

तीन रंग की चुनर लिपटाये

उन शहीदों की कुर्बानियां याद दिलाते हैं।


उनकी शहादत पर शीश झुकाते हैं

दोस्तों चलो जश्न आजादी का,

हम आज मनाते हैं।

मां तुझे सलाम सब मिलकर गाते हैं।


बंटवारे का दर्द ,लाशों के ढेर,

बेकसूर मासूम आहे,

अपनों को ढूंढती निगाहें।


उन खुदगरजो को भी कैसे भूल पाते हैं

जिसका हर्जाना आज तक चुकाते हैं।

मां भारती की सहनशीलता जैसे गुण

हम सब भारतीयों में मिल जाते हैं।


दोस्तों चलो जश्न आजदी का

हम आज मनाते हैं

मां तुझे सलाम सब मिलकर गाते हैं।

वंदे मातरम की गूंज,

 पूरे जहां को सुनाते हैं।


ऊंचाइयों की हदों के पार

तिरंगे को हम लहराते हैं

देशप्रेम की शमां हर दिल में जलाते हैं

आने वाली पीढ़ी को

ये मशाल थमाते हैं।


दोस्तों चलो जश्न आजादी का

हम आज मनाते हैं

मां तुझे सलाम सब मिलकर गाते हैं।


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