STORYMIRROR

Kusum Joshi

Inspirational

4  

Kusum Joshi

Inspirational

मुझे ये वरदान दे दो

मुझे ये वरदान दे दो

1 min
217

देश में मेरे ना हिन्दू हो ना मुस्लिम हो,

गली से जिस भी मैं गुजरूं मज़ारें हो ना मंदिर हों,

बस एक ही पूजा करें भारत के सब वासी,

भारत ही मक्का हो दिखे भारत में ही काशी।


देश की उन्नति हमारी प्यास बन जाए,

देश ही सपनों में हो ये आस बन जाए,

बस एक ही इच्छा सदा मन में मेरे मौला,

बालक यहां जो जन्म ले सुभाष बन जाए।


गांधी भले हो भगत आज़ाद बन जाए,

हर बच्चा ये मेरे देश का एक आग बन जाए,

कोई प्रेम से जीते जहां कोई बोले कड़क बोली,

क्रान्ति का हर एक अब यहां पर्याय बन जाए।


फल फूल से भरी रहे हर वृक्ष और डाली,

नर ही नहीं मेरे देश की नारी भी हो बलशाली,

मैं मांगती वरदान एक केवल यही दाता,

लौटा दो मेरे देश की छवि विश्वगुरु वाली।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational