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Padma Sekhar

Tragedy Inspirational

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Padma Sekhar

Tragedy Inspirational

मैले हाथ

मैले हाथ

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हाथों में डालें हाथ हैं,

एक दूसरे का साथ है।

मैले हैं हाथ तो क्या हुआ,

मेहनत किया तो काला हुआ।।


दिन रात मेहनत करते हैं,

घर, मकान बनाते हैं।

गंदे कपड़े धोते हैं,

जूते भी चमकाते हैं,

कूड़ा-कचरा उठा के

गाँव की सफाई करते हैं।।


महल बनाकर भी हम

सड़कों पर ही सोते हैं,

कपड़े साफ करके भी

गंदे कपड़े पहनते हैं।

गाँव को साफ करके भी

हम गंदे कहलाते हैं।।


हमें कोई शौक नहीं,

गंदे काम करने का,

बस मजबूरी है अपना

घर परिवार चलाने की।

गंदे होकर भी हम

दिल को साफ रखते हैं,

मेहनत की रोटी खाते हैं,

सिर उठाकर जीते हैं।।


मजदूर हैं हम, मजबूर हैं हम,

फिर भी एक दूसरे के साथ हैं हम।

हाथ जोड़कर विनती है,

हमें गंदे मत कहो,

आखिर हम भी इन्सान हैं,

जीओ और जीने दो।।


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