STORYMIRROR

Birendra Nishad शिवम विद्रोही

Romance

2  

Birendra Nishad शिवम विद्रोही

Romance

मासूम दिल

मासूम दिल

1 min
633


शक रहा होगा तुम्हें कि हम छोड़ जाएंगे

तेरे मासूम से दिल को यूँ ही तोड़ जाएंगे।


कहा भी था हमने, हो अकेले कहाँ तुम

जब भी करोगे याद तुम, हम चले आएंगे।


कितना चाहा तुम्हें हम, बताए भला कैसे

अहसास होगा तुम्हें जब हम चले जाएंगे।


ये 'विद्रोही' याद आओगे तुम बहुत, जब

दर्द हम अपना यूँ, किसी से गुनगुनायेंगे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance