Yaswant Singh Bisht
Tragedy
उस छत में
दो कबूतर
रहना चाहते हैं,
जिसकी
जमीनी मंजिल वाले
किरायेदार
किराया न देने पर
निकाले गए,
मानवता मर गई
क्या कोई सुबूत है
अब उन कबूतरों का क्या होगा?
वीरान शहर
जहर कहां गया
गरीबी
मानवता
कसूर किसका
खुशी के पल
दीया
छत में चाँद
चाहे अपना हो, या कोई गैर पर अपने विश्वास को करूंगा अटल चाहे अपना हो, या कोई गैर पर अपने विश्वास को करूंगा अटल
अपने देख रहे हैं रस्ता, खुशियों से तू झोली भरले।। अपने देख रहे हैं रस्ता, खुशियों से तू झोली भरले।।
कुदरत ने कैसा कहर ढाया फिर से हुआ बहुत बिगाड़ा। कुदरत ने कैसा कहर ढाया फिर से हुआ बहुत बिगाड़ा।
कागज़ पर ज़िंदगी मेरी गुलिस्तां-ए- ग़जल बन गई...! कागज़ पर ज़िंदगी मेरी गुलिस्तां-ए- ग़जल बन गई...!
बालाजी को लगे,सुंदर वन इसमें खिलेंगे,भक्ति-सुमन। बालाजी को लगे,सुंदर वन इसमें खिलेंगे,भक्ति-सुमन।
आंखों में आंसू, फिर भी चेहरे पर मुस्कान, अब हमारे लिए एक नई यात्रा की प्रतीक्षा है। आंखों में आंसू, फिर भी चेहरे पर मुस्कान, अब हमारे लिए एक नई यात्रा की प्रतीक...
तुम ही जाते जीत, कुछ तो बोलो मीत। तुम ही जाते जीत, कुछ तो बोलो मीत।
और इंसान बस खड़ रहा... हे इंसान तेरी चाहत है क्या.... और इंसान बस खड़ रहा... हे इंसान तेरी चाहत है क्या....
ना कोई शिक़वा ना गिला है आखरी खत में प्यार से मोहब्बत को भरा है आखरी खत में। ना कोई शिक़वा ना गिला है आखरी खत में प्यार से मोहब्बत को भरा है आखरी खत में।
जो त्याग दे, गर व्यर्थ गर्मी बनेगी स्वर्ग, फिर यह धरती। जो त्याग दे, गर व्यर्थ गर्मी बनेगी स्वर्ग, फिर यह धरती।
यह युद्ध है भाई बच्चों का खेल?न महामाई का जगराता है। यह युद्ध है भाई बच्चों का खेल?न महामाई का जगराता है।
कोई कोमलता से कट चुका सा हृदय, राख जो मिली है वह गवाही दे रही है। कोई कोमलता से कट चुका सा हृदय, राख जो मिली है वह गवाही दे रही है।
उन्होंने दरवाजा खोला और बोला साली ब-----'-------' निकल मेेेरे घर से। उन्होंने दरवाजा खोला और बोला साली ब-----'-------' निकल मेेेरे घर से।
नारी को समझना आसान नहीं है, मगर हम ये कहाँ मानते हैं? नारी को समझना आसान नहीं है, मगर हम ये कहाँ मानते हैं?
ताकि गीत गाये ये दिल जी जाऊं मैं ...... ताकि गीत गाये ये दिल जी जाऊं मैं ......
गौमाता हम सब को अपना दूध पिलाती है इसीलिए तो वह हम सबकी माता कहलाती है। गौमाता हम सब को अपना दूध पिलाती है इसीलिए तो वह हम सबकी माता कहलाती है।
छोड़ दो आप तम्बाकू खाना छोड़ दो आप लोग धूम्रपान छोड़ दो आप तम्बाकू खाना छोड़ दो आप लोग धूम्रपान
हाथों की लकीरों में ढूंढती हूं जिंदगी। हाथों की लकीरों में ढूंढती हूं जिंदगी।
इश्क़ है उससे शिद्दत वाला तभी तो जाने दिया जो जुनून बना लेता तो वो मेरे बांहों में होती इश्क़ है उससे शिद्दत वाला तभी तो जाने दिया जो जुनून बना लेता तो वो मेरे बांहों...
कदम कदम दुख सहने सबको सुख शांति देने देखो देखो येशु आया ! कदम कदम दुख सहने सबको सुख शांति देने देखो देखो येशु आया !