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माँ

माँ

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है कोई ईश्वर

माँ से बढ़कर,


पूजते हो तुम

कितनी मूरत,


कितने पत्थर

देखा है कोई,


ऐसी मूरत

जो हो माँ से

खूबसूरत।।



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