STORYMIRROR

DAYANAND SABAR

Tragedy Fantasy Inspirational

3  

DAYANAND SABAR

Tragedy Fantasy Inspirational

माँ

माँ

1 min
287

मैं यहाँ से तुम्हारे पैर पड़ता हूँ

माँ तुम ममता बनाये रखना

तुम्हारे हँसने की वजह बनना चाहता हूँ , 

माँ बस इतना हैं तुमसे कहना


तुम्हें कभी दुःख ना आये

माँ तुम हर पल खुश रहना

तुम्हें रोज तो देख नहीं सकता

माँ इस बेटे को कभी भूल न जाना


तुम तो ममता की भंडार है

माँ नामुमकिन है तुम्हें भुलाना

में तो यही मांगता हूं भगवान से

की तुम हर जन्म में मेरे माँ ही बनना


दूर में रहे इस बेटे को

माँ कभी रूठ मत जाना

तेरे सिवा मेरे और कौन है

मां तुम तो हो मेरी अपनी ,



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy