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Neha Yadav

Classics

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Neha Yadav

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माँ का प्रेम

माँ का प्रेम

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चाहे जितना परख लें लोग यहाँ,

अंत यही होगा;

माँ से बड़ा कोई हमदर्द नहीं होता,

माँ के आँचल से बड़ा कोई घर नहीं होता।।


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