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Sunil Kumar

Classics

4  

Sunil Kumar

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मां अंबे हम भक्त तुम्हारे

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे

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मां अंबे हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे

लो हम तो आ गए मां अब शरण में तुम्हारे

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे- 2


मुफलिस गरीब हम हैं औकात क्या हमारी

आन पड़ी है हम पर आज विपदा भारी 

मझधार में फंसे हैं मिलते नहीं किनारे 

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे-2 


लो हम तो आ गए मां अब शरण में तुम्हारे

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे-2

तेरी दया से चलती है दुनिया सारी

तुम ही हो इक दाता सारा जग है भिखारी


हम पर जो दया कर दो बन जाए बिगड़ी हमारी

मांअंबे हम भक्त तुम्हारे बेआस-बेसहारे

लो हम तो आ गए मां अब शरण में तुम्हारे

मां अंबे हम भक्त तुम्हारे-2


दर से तेरे न कोई लौटा ले‌कर झोली खाली

हम पर भी दया कर दो हे मां शेरावाली 

बिगड़ी मेरी बना दो बस इतनी अरज हमारी

दर पर तेरे खड़े हैं लेकर झोली खाली

झोली मेरी भी भर दो मां लाटा वाली।


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