STORYMIRROR

Sumit. Malhotra

Romance Action

3  

Sumit. Malhotra

Romance Action

लम्हे इंतज़ार के।

लम्हे इंतज़ार के।

1 min
203

ये लम्हे इंतज़ार के, 

इंतजार करते थके। 

मायके बहुत रहे हैं, 

अब घर आ जाओ।


ये दूरियाँ घटानी है, 

गायब नींद रानी है। 

रातों को तुम बिना, 

तड़पती जवानी है। 


जड़ से उखाड़ना है, 

लड़ाई जो पुरानी है। 

जल्दी से अब आना, 

छोड़ दीजिए रूठना।


सुनो जल्दी से आना, 

झगड़े आ सुलझाना। 

अकेले ना मुझे आना, 

चार पाँच साथ लाना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance