STORYMIRROR

ritesh deo

Tragedy Inspirational

4  

ritesh deo

Tragedy Inspirational

लिखना

लिखना

2 mins
289

लिखना है....!!!

जवानी से ज़्यादा 

नशे में डूबते समाज की कहानी लिख!

बड़े- बड़े बखान नहीं

जिंदगी से हताश जवान पर लिख!

भूख लिख बीमारी लिख!

हो सके तो बेरोजगारी लिख!!


विश्वगुरु की कल्पनाओ पर

क्यों लिखते हो झूठे गीत

बिना अस्पताल के लोगों के 

बिगड़ते स्वस्थ्य पर लिख!

नेताओं के झूठे वादों पर लिख

राजनीति में बढ़ते जाति या

धर्म के डिबेट पर लिख!


कैसे चलती है तेरी कलम

झूठे- झूठे बखानों पर

दंगे लिख! बलात्कार लिख!

हो सके तो बढ़ता पलायन लिख!


प्रेम अब बचा नहीं है

क्यों लिखता प्रेम-रस पर

चारों तरफ गम का माहौल है

बाजार में मंदी है!

क्यों चक्कर काटता तू 

सत्ता के मैखानों का

महंगी होती शिक्षा- व्यापार पर लिख!

जिंदगी से होती रुसवाई लिख!

हो सके तो पीर-पराई लिख!!


नब्बे प्रतिशत दिक्कत में हैं 

क्यों लिखता दस प्रतिशत को बढ़ा-चढ़ाकर 

खिलाड़ियों के पास सम्मान नहीं

उनपर बीती उनके अत्याचार पर लिख!

कैसे करेंगे ओलंपिक में चढ़ाई 

A.C. मे बैठकर A.C. जैसी दुनिया

आ-बैठ मेरे साथ पीपल के नीचे 

देश लिख परदेश लिख!

लिखना है तो अपंग पर लिख!

जो सालों से काट रहा है 

सरकारी दफ्तरों के चक्कर 

भ्रष्टाचार के खिलाफ वो आवाज लिख!

ऊंचे घरानों पर लिख!

जो औरतों को समझते हैं पांव की जूती

बेबस पिता के संस्कार लिख!

कम दहेज ने जिसकी बेटी को निगल लिया

गर हिम्मत है लिखने की

दिन- ब- दिन कमजोर होती

कानून-व्यवस्था पर लिख!

साहूकार के कर्जे तले दबे

लाचार किसान पर लिख!

शोषण पर संस्कृति पर 

विलुप्त होते संस्कारों पर लिख!!


गर समझता है लेखक ख़ुद को 

लिख ऐसा जो कभी किसी ने न हो लिखा 

जिसपर ध्यान नहीं गया हो किसी का

जिसे पढ़कर कोई वाह-वाह न लिखे!

काबिले तारीफ़ न लिखे! 

लिख सकता है तो 

समाज का चरित्र लिख!

अच्छाई लिख बुराई लिख!

सत्य लिख सच्चाई लिख!

हो सके तो भलाई लिख!!



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy