Neeraj Kumar
Drama Fantasy
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खाली कमरा
एक और खत
चलते चलते
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यूँ ही किसी का दिल तू मत दुःखाना सब में एक सांस का आना और जाना। यूँ ही किसी का दिल तू मत दुःखाना सब में एक सांस का आना और जाना।
देखता हूं जब मैं इस बंद खिड़की की ओर, दूर तक कुछ भी दिखाई ना देता है, देखता हूं जब मैं इस बंद खिड़की की ओर, दूर तक कुछ भी दिखाई ना देता है,
बेटी को सम्मान देने से ही होगा कल्याण, फिर क्यों तुझे अब तक बस बेटे पर ही नाज़ है ? बेटी को सम्मान देने से ही होगा कल्याण, फिर क्यों तुझे अब तक बस बेटे पर ही नाज़...
ऐसे ही वो ज़िंदगी में आगे बढ़ते गयी और एक वो एक कामयाब इंसान बनी। ऐसे ही वो ज़िंदगी में आगे बढ़ते गयी और एक वो एक कामयाब इंसान बनी।
यह वह है जो आपको लगता है कि आप नहीं हैं। यह वह है जो आपको लगता है कि आप नहीं हैं।
लेकिन जैसे ही निन्द्रा टूटती है बिखर जाते हैं महोत्सव के बाद की उजड़ी जमीन से..! लेकिन जैसे ही निन्द्रा टूटती है बिखर जाते हैं महोत्सव के बाद की उजड़ी जमीन से...
विडंबना कहें या कहें इसे अनहोनी, आधुनिकरण ने सृष्टि का ऐसा बेड़ा गर्ग कर दिया। विडंबना कहें या कहें इसे अनहोनी, आधुनिकरण ने सृष्टि का ऐसा बेड़ा गर्ग कर दिया।
ये कैसा अँधियारा छाया है आँखों के सामने, जला लो कितनी भी बत्तियाँ ये कैसा अँधियारा छाया है आँखों के सामने, जला लो कितनी भी बत्तियाँ
आओ परदे के परे दो गुफतगु समेटे, सलीके कुछ नए और उन तरानों को गोरख धंधा कह दें। आओ परदे के परे दो गुफतगु समेटे, सलीके कुछ नए और उन तरानों को गोरख धंधा कह दें...
मैं अब जादू का नाटक नहीं करना चाहता, मैं जादू बनना चाहता हूं। मैं अब जादू का नाटक नहीं करना चाहता, मैं जादू बनना चाहता हूं।
मैं कोई पंछी नहीं हूँ और कोई जाल मुझे नहीं फँसाता, मैं कोई पंछी नहीं हूँ और कोई जाल मुझे नहीं फँसाता,
सुनने को तैयार न प्रियतम मैने नीति संगत जितनी बात कही।। सुनने को तैयार न प्रियतम मैने नीति संगत जितनी बात कही।।
दहशत और पाप के अन्धेरों में खो गए अंहकार की गहरी नींद में सो गए। दहशत और पाप के अन्धेरों में खो गए अंहकार की गहरी नींद में सो गए।
प्रकृति ने हम पर जो कुछ प्रकट किया है, उसका एक प्रतिशत का हज़ारवां हिस्सा हम अभी भी नह प्रकृति ने हम पर जो कुछ प्रकट किया है, उसका एक प्रतिशत का हज़ारवां हिस्सा हम अभी...
खुशियों का त्योहार आपके और परिवार के लिए और भी खूबसूरत हो, खुशियों का त्योहार आपके और परिवार के लिए और भी खूबसूरत हो,
"लगता है तुम दोनों में फिल्म देखने की तमीज़ नहीं है...", पीछे से एक दर्शक चिल्लाया। "लगता है तुम दोनों में फिल्म देखने की तमीज़ नहीं है...", पीछे से एक दर्शक चिल्लाय...
अपनी कलम लिए उस शहर की एक तस्वीर बनाने लग गया हूं। अपनी कलम लिए उस शहर की एक तस्वीर बनाने लग गया हूं।
गुंजन हर पल कर - कर के, पुरानी यादों की झड़ी संग ले ही आता है। गुंजन हर पल कर - कर के, पुरानी यादों की झड़ी संग ले ही आता है।
हम खेलना बंद नहीं करते क्योंकि हम बूढ़े हो जाते हैं, हम खेलना छोड़ देते हैं क्योंकि हम हम खेलना बंद नहीं करते क्योंकि हम बूढ़े हो जाते हैं, हम खेलना छोड़ देते हैं ...
लाखों छोटे क्षण जो आपकी प्रेम कहानी बनाते हैं, विवाह भावुक मित्र बनने की प्रथा है। लाखों छोटे क्षण जो आपकी प्रेम कहानी बनाते हैं, विवाह भावुक मित्र बनने की प्र...