Neeraj Kumar
Abstract
A city in the head. I like it. Its nice.
खाली कमरा
एक और खत
चलते चलते
content missi...
Not available
not available
अब तक हताश कट रही थी ज़िन्दगी, अब उल्लास में हूंँ। अब तक हताश कट रही थी ज़िन्दगी, अब उल्लास में हूंँ।
मित्रता तो श्रीकृष्ण और सुदामा की थी मित्रता तो श्रीकृष्ण और सुदामा की थी
गैरों से ज्यादा , दुःखी करते हैं अपने गैरों से ज्यादा , जहर उगलते हैं अपने गैरों से ज्यादा , दुःखी करते हैं अपने गैरों से ज्यादा , जहर उगलते हैं अपने
और ज़रूरी तो नहीं साथ चलने वाला हमारा हितैषी ही होगा, और ज़रूरी तो नहीं साथ चलने वाला हमारा हितैषी ही होगा,
ना तो कोई पहचान ही मिली और ना ही मिला कोई किनारा ना तो कोई पहचान ही मिली और ना ही मिला कोई किनारा
कल जिसने राह दिखाई, चलने का सलीका सिखाया जिसे, कल जिसने राह दिखाई, चलने का सलीका सिखाया जिसे,
हृदय को धड़काने की वजह बन, यूँ ही रोज सजता संवरता रहता है। हृदय को धड़काने की वजह बन, यूँ ही रोज सजता संवरता रहता है।
रात अबूझ अज्ञेय पहेली न जाने किस राज़ की सहेली। रात अबूझ अज्ञेय पहेली न जाने किस राज़ की सहेली।
उगते सूरज को पूजती दुनिया डूबते की कहानी और होती है। उगते सूरज को पूजती दुनिया डूबते की कहानी और होती है।
जन्नत था या ब्रह्म मुझे वो जगह समझ नहीं आयी। जन्नत था या ब्रह्म मुझे वो जगह समझ नहीं आयी।
कब तक अपने लिए ना जी कर औरों पर करता रहेगा तू अपने समय को बर्बाद। कब तक अपने लिए ना जी कर औरों पर करता रहेगा तू अपने समय को बर्बाद।
ख्वाबों की गलियों से से गुजरकर , जिंदगी का रास्ता बनाऊँगी , ख्वाबों की गलियों से से गुजरकर , जिंदगी का रास्ता बनाऊँगी ,
गिराने का हुनर सब जानते हैं यहाँ, कोई ज़हमत भी तो करे उठाने की। गिराने का हुनर सब जानते हैं यहाँ, कोई ज़हमत भी तो करे उठाने की।
हर मौसम हर रंग में वक्त के बदलते मिज़ाज में हर मौसम हर रंग में वक्त के बदलते मिज़ाज में
बीते लम्हे कड़वी यादें जो मन के काग़ज़ पर, नवीन यादें बनाने चला मैं आज उनको मिटाकर। बीते लम्हे कड़वी यादें जो मन के काग़ज़ पर, नवीन यादें बनाने चला मैं आज उनको म...
इसी तरह अनेकानेक नामों से पुकारे जाते रहोगे इसी तरह अनेकानेक नामों से पुकारे जाते रहोगे
कन्या रूप स्वयं देवी का हर बालक श्री राम है । हर रज कण चन्दन सा पावन शोभा अमित कन्या रूप स्वयं देवी का हर बालक श्री राम है । हर रज कण चन्दन सा पावन श...
ध्यान से जुड़ता है आत्मा से संवाद, खो जाता है मन उलझन अवसाद। ध्यान से जुड़ता है आत्मा से संवाद, खो जाता है मन उलझन अवसाद।
उस अटल सत्य की खोज हेतु आत्मचिंतन आवश्यक है! उस अटल सत्य की खोज हेतु आत्मचिंतन आवश्यक है!
कलियों पास मंडराता भवँरा, गुनगुन करता मन की बात। कलियों पास मंडराता भवँरा, गुनगुन करता मन की बात।