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Shyam Kunvar Bharti

Romance

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Shyam Kunvar Bharti

Romance

क्यों हुआ

क्यों हुआ

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मुझे पहली बार प्यार हुआ

यार क्यों हुआ

झूठा ही कोई दिलदार हुआ

यार क्यो हुआ


मैंने चाहा नहीं मैंने सोचा नहीं

हुआ क्या मुझको पता नही

क्यो उसका मुझे इंतजार हुआ

यार क्यों हुआ


था मैं बेपरवाह कितना मजा था

होगी उसकी चाह किसको पता था

मैं क्यों इतना लाचार हुआ

यार क्यों हुआ


धड़कने नाम उसका लेती है

बिना उसके न जागती न सोती है

मैं उसका बड़ा तलबगार हुआ

यार क्यों हुआ

हर जगह हर शय वो दिखता है

हर पल दिल मेरे वो रहता है

काया मुझे उससे प्यार हुआ

यार क्यों हुआ

मुझे पहली बार प्यार हुआ

यार क्यों हुआ।


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