STORYMIRROR

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Romance Inspirational

4  

हरि शंकर गोयल "श्री हरि"

Abstract Romance Inspirational

प्यार, विश्वासघात और बदला

प्यार, विश्वासघात और बदला

1 min
313

जब प्यार में विश्वासघात होता है 

तब ये दिल खून के आंसू रोता है 

वफा शब्द से नफरत हो जाती है

ये दुनिया बेगानी सी नजर आती है


तब बदला लेने की इच्छा पैदा होती है

कुछ कर गुजरने की तमन्ना जन्म लेती है 

मगर ऐसा करने वाला सच्चा आशिक नहीं

प्यार तो देने का नाम है लेने का नहीं 


क्या पता उसकी कोई मजबूरी रही हो

परिवार को बचाने हेतु यह दूरी सही हो

विश्वासघात मिलने पर भी जो प्यार करे

ऐसे ही प्रेमियों पर दुनिया जां निसार करे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract