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Dinesh Dubey

Romance

4  

Dinesh Dubey

Romance

एक शाम

एक शाम

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एक शाम तेरे नाम 

सिर्फ मैं और सिर्फ तुम 

तन्हाई में बैठे रहें 

आंखो में आंखे डाल

एक दूसरे में खोए हुए 

मतलब ना हो किसी से

तेरी आंखो की गहराइयों 

को नाप लूं आज ,

तेरी धड़कनों को महसूस 

कर लूं आज की शाम

लहराते तेरे केशों को 

संभालता रहूं मैं ,

और तुझको पूरी शाम 

निहारता रहूं मैं 

ना शिकवा ना शिकायत 

सिर्फ प्यार की बाते होंगी 

आज की ये हसीन शाम

बस तेरे सिर्फ तेरे नाम.



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