STORYMIRROR

Dinesh Dubey

Romance

4  

Dinesh Dubey

Romance

एक शाम

एक शाम

1 min
382

एक शाम तेरे नाम 

सिर्फ मैं और सिर्फ तुम 

तन्हाई में बैठे रहें 

आंखो में आंखे डाल

एक दूसरे में खोए हुए 

मतलब ना हो किसी से

तेरी आंखो की गहराइयों 

को नाप लूं आज ,

तेरी धड़कनों को महसूस 

कर लूं आज की शाम

लहराते तेरे केशों को 

संभालता रहूं मैं ,

और तुझको पूरी शाम 

निहारता रहूं मैं 

ना शिकवा ना शिकायत 

सिर्फ प्यार की बाते होंगी 

आज की ये हसीन शाम

बस तेरे सिर्फ तेरे नाम.



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance