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Dinesh Dubey

Romance

3  

Dinesh Dubey

Romance

जान लेकर भी गर

जान लेकर भी गर

1 min
200

जान लेकर भी गर 

जान सकता कोई,

जान जाती नहीं 

जान बनकर कहीं,

जान जाए कोई 

जान की अहमियत 

जान से कोई अनजान 

रहता नहीं,

जान ही जान है 

जान ही प्यार है 

जान से बढ़कर

ना कोई जान है 

जान जाने से पहले 

चाहे यही मन 

मेरी जान से एक 

मुलाकात हो 

जान मेरी है वो 

जान जायेगी वो 

कभी जान का

दीदार तो हो।



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