STORYMIRROR

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Romance

3  

Sudhirkumarpannalal Pratibha

Romance

प्रेम निस्वार्थ कहां

प्रेम निस्वार्थ कहां

1 min
191

वह

मुझसे

प्यार

करते हैं

मेरा

ख्याल

अपने से

ज्यादा

रखते हैं

मेरे बिना

नहीं रह पाते 

खुद से ज्यादा

मुझे प्यार

करते हैं

प्यार इतना कि

दूर जाने नहीं देते

वो मेरे सलामती की

हमेशा दुआ करते हैं 

लेकिन प्रेम

भी निस्वार्थ कहां है

वह हमारे बगैर

नहीं रह सकती

इसलिए वो

हमारा ख्याल

रखती हैं

इसमें भी तो

स्वार्थ ही है

प्रेम निस्वार्थ कहां।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance