क्या होगा आखिर आगे?
क्या होगा आखिर आगे?
चित्र में छुपा अर्थ कुछ होता स्पष्ट नहीं,
क्या छुपा आखिर इसमें गहरा राज है,
और क्या देता यह संदेशा है,
चलो लगाते थोड़ा अंदेशा है,
पेड़ पर चढ़ता इंसान,
और बैठे उस पेड पर बंदर संग गिलहरी भी,
जो बदलती पल पल अपना रंग,
जैसे बदलता इंसान अपना स्वभाव है,
चारों तरफ जानवरों का मेला है,
न जाने क्या सोच रहा वो इंसान हैं,
किस इरादे से चढ़ रहा पेड़ पर,
क्या पहुंचाना चाहता वो उन जानवर को नुकसान है,
या करना चाहता अपने पिंजरे में कैद है,
यह सोच वो जानवर भी भयभीत हैं,
क्या करेंगे वो उस पर हमला,
या उससे पहले बन जाएंगे उसका वो शिकार हैं।
