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karan ahirwar

Abstract Drama Tragedy

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karan ahirwar

Abstract Drama Tragedy

क्या है तू

क्या है तू

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क्या है तू जो इतना उछल रहा है

मछली है क्या जो इतना मचल रहा है


रिहा कर दूंगा उन सभी को तेरी जेल से

जिन्हे तू यूंही बेवजह कुचल रहा है


तेरी औकात क्या है कहने वाले इतना मत इतरा

तेरे जैसा कोई और भी आंचल में पल रहा है


सुनने में आया है कि तेरी तबीयत खराब है

और बता ज़ालिम क्या चल रहा है


तू भी चला जाएगा शहंशाह अकबर की तरह

 समय का पहिया है चल रहा है



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