STORYMIRROR

Amit Kumar

Abstract

3  

Amit Kumar

Abstract

कविता

कविता

1 min
356

कविता तो उसकी 

आंखों में थी

उसके होंठों में थी

उसकी ज़ुल्फों में थी

उसकी पलकों के

कोरों में थी

उसके मन में थी


या यह कहूँ

कविता तो उसके

हर अंदाज़ में थी

वो खुद एक काव्यपाठ सी थी

और मैं मूर्ख

कविता किताब से

पढ़ रहा था

शायद इसीलिए नही

सीख पाया...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract