कवि
कवि
सदियों से जो रचते आए,
हैं संसार की कथा।
आखिर क्यों न कोई,
गाता है उनकी गाथा?
भक्ति का इतिहास लिखे,
मीरा, कबीर और रैदासा।।
फिर चाहे वो गाथा वीरता की हो,
या हो वो विधाता की।
गाथा गाने वाला अक्सर,
होता है एक कवि।।
रण के हर जन के भीतर,
भरी धधक देशभक्ति आज़मी ने।।
वीरता की झलक दिखलाई
सुभद्रा चौहान ने।
महादेवी ने पशु-प्रेम बोया
हर मानव के दिल में।
सधुक्कड़ी में लिखें कबीर,
प्रज्वलित करें ज्ञान का दीपक,
मिटाएं मन का अंधियारा।।
तुलसीदास ने रच दिया पावन
महाकाव्य 'रामचरितमानस',
अपने आराध्य का रूप इसमें निहारा।।
बच्चन ने सूफीवाद पिरोया,
अपनी मधुशाला में,
और दिया काव्य जगत को
एक नया सितारा।।
तो आओ हम भी गाएं इनकी गाथा
और करें इनका सत्कार।
आखिर इन्होंने भी है किया
प्रकाशित सारा संसार।।
