STORYMIRROR

Shraddhanjali Shukla

Action

3  

Shraddhanjali Shukla

Action

कुण्डलियां

कुण्डलियां

1 min
382

लड़ता काबिल वीर है, लेकर अपनी फौज

करता वो चिंता नहीं, दिल का है मन मौज।


दिल का है मन मौज, जान पे वीर खेलता

भारत पर कुर्बान, तेज वार को झेलता।


सहकर सारे जख्म, रहे खड़ा नहीं डरता

मरते दम तक वीर, दुश्मन से रहे लड़ता।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action