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Hem Raj

Romance

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Hem Raj

Romance

कुछ यादें हैं

कुछ यादें हैं

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सच कहा है किसी ने ओ संग दिल!

कि मुहब्बत कभी भी नहीं मरती है।

आज भी स्मृति के एक कोने में प्रिये,

कुछ यादें हैं ,जो गुदगुदाया करती हैं।


         मिलना, मिलकर फिर से बिछुडना ,

         यह रीत संसार की बहुत पुरानी है।

         है कुछ नहीं और यह जिन्दगी प्रिये,

         बस खट्टी मीठी यादों की कहानी है।


 क्यों लड़ते - झगड़ते हैं ये लोग यहां?

न जाने क्यों होती इन्हे यह परेशानी है?

मुहब्बत का फलक है विशाल इतना कि,

समेटने को छोटी पड़ जाती जिंदगानी है।


         बहते जल की मानिद यह जिंदगानी,

         क्षण क्षण निरन्तर बह जाया करती है।

         आज तुम नहीं है पास तो क्या हुआ?

         कुछ यादें हैं, जो गुदगुदाया करती हैं।


हो जाता हूं अकेला मैं भीड़ में भी जब,

तो तुम्हारी यादों के सहारे तब जीता हूं।

मयूसियां करती हैं जब परेशान घना तो,

तब तेरी यादों के साए में गमों को पिता हूं।


          प्रियतम क्या होता है? ओ दिलजानी!

          खोने के बाद जिंदगी महसूस करती है।

          फिर भीगे से जिंदगी के इस दामन में,

          कुछ यादें हैं,जो गुदगुदाया करती हैं।



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