कुछ रिश्ते
कुछ रिश्ते
कुछ रिश्ते
बेनाम से अनकहे से ,
अनसुलझे सवालों और मनपसंद जवाबों जैसे !!
कुछ रिश्ते
अटपटे से अनछुए से
दबी सी हसरतों हो या पस भर उम्मीदों जैसे !!
कुछ रिश्ते
बेपरवाह से अनदेखे से ,
निश्छल और मलँग,साथ है बेख़ौफ़ साये जैसे !!
कुछ रिश्ते
बैरागी से अनसुने से,
सुरताल सरगम से गुनगुनाया हुआ गीत हो जैसे !!
