करवाचौथ का चाँद रौशन
करवाचौथ का चाँद रौशन
करवा चौथ की रात जब चंदा रोशन हो जाएगा ,
सुहागिनें अपने चाँद को देखकर ही व्रत खोलेंगे !
सूरज के जाते ही क़ब्ज़ा करने आ गया चाँद ,
अब चमकीली चाँदनी के खूबसूरत मंजर बोलेंगे !
कैसे पल प्रति पल यह वक़्त बदलता रहता है ,
अब सुख - दुख के भी ये बदलते मौसम बोलेंगे !
दिल की परतों को चाहे कितना भी ढक ले कोई ,
अब आँसू की ही भाषा में दिल के छुपे गम बोलेंगे !
चाहे ज़माने ने दिए हों प्रेमीयुगल को जख्म बहुतेरे ,
अपनों का साथ हो तो प्यारी बातों के मरहम बोलेंगे !
जिस प्रेम से जीवन का सुर सुरीला बजने लगता है ,
प्रेम के प्रगाढ़ क्षणों में अब साँसों के सरगम बोलेंगे !
