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Anil Jaswal

Abstract

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Anil Jaswal

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करो वो, मन लागे जो

करो वो, मन लागे जो

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मत करो देखा देखी,

मत डालो अपनी मर्जी,

मत बनाओ इज्जत का सवाल,

करने दो बच्चों को,

जो करे उनको आनंदित।


अगर बनना चाहे एस्ट्रोनॉट,

करो उसको उत्साहित,

दो सारी सुविधाएं,

जिससे वो बन सके,

सर्वोतम एस्ट्रोनॉट।


अगर बनना चाहे खनिज दोहन वाला,

मत बुरा मानो,

दे दो साथ उसका,

क्या पता उस जैसा यहां न हो कोई दूसरा।


अगर बनना चाहे इंजीनियर,

कभी न टोको,

बस मदद कर दो,

शायद बो कुछ ऐसा कर दिखाए,

सारी दुनिया उसपे मर-मिट जाए।


अगर बनना चाहे डाक्टर,

चलने दो उसको इस राह,

मत डालो‌ अड़गें,

वो कुछ ऐसा हासिल कर ले,

जो भी आए,

जान बचा कर जाए।


अगर बनना चाहे टिचर,

मत नाक सिकोड़ो,

पुरी तरह उसके साथ हो लो,

शायद वो इतिहास बदल दे।


अगर बनना चाहे विज्ञानीक,

लगने दो उसको,

तन-मन-धन से,

वो करेगा ऐसा आविष्कार,

हो जाएगा दुनिया में नाम।


मेरी यही प्रार्थना,

बच्चों को बढ़ने दो ऐसे,

जैसे वो हैं,

मत बदलो,

उनका कुदरती स्वभाव,

तभी वो खुश रह पाएंगे श्रीमान।


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