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V. Aaradhyaa

Romance Fantasy

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V. Aaradhyaa

Romance Fantasy

करो सैयां बरजोरी

करो सैयां बरजोरी

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सजना तुम नहीं आए बड़ी मायूस रही होरी,

तिरे बिन ओ पाहुना लगी बेज़ार सी ये होरी। 


हमने राह तक ली सुबह से शाम तक तिहारी ,

मगर जब तुम नहीं आए करने हमसे बरजोरी। 


फूल खिले थे बासंती लाल 'औ पीले गुलाबी ,

तिरे बिन सब बेरंग से लागे मेरे बलमा अनाड़ी ।


तुम्हारे संग खेलन को होरी मैं जो हुई बावरी ,

तुझ पर प्रेम लुटाऊं मैं जाऊँ बलि बलिहारी ।



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