कोई तो है
कोई तो है
कोई तो है,
जिसको हक से
मै रोज़ बुलाता हूँ
कोई तो है,
जिसको अपनी
हर बात बताता हूँ !
कोई तो है,
इस दुनिया मे
जिसे गज़ले सुनाता हूँ
कोई तो है चाहत मे
जिससे प्यार जताता हूँ !
कोई तो रिश्ता दिल का है
जिसे ख्वाब मे लाता हूँ
कोई अगर रूठे हमसे
उसे रोज़ मनाता हूँ !
कोई मेरे दिल को चुभता
उसे नज़रो से गिराता हूँ
कोई मेरा तकदीर बना
उसे दिल मे बिठाता हूँ !
कोई मेरे ग़म का साथी
उसे हंस के दिखाता हूँ
कोई सफर मे साथ रहे
उसे राज़ बताता हूँ !
कभी - कभी एहसास से अपने
उसको डराता हूँ
कोई मेरी मंज़िल बनता
उसे अपना बनाता हूँ !
