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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Romance

कोई ओर

कोई ओर

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खो गया है ये मेरा मन अब किसी की ओर है

ना हो रहा अब मेरी सांसो का भी कोई शोर है,

वो छा गया है,मेरी सांसो में इस क़दर साकी कि

अब पता ही नहीं चल रहा,ये मैं हूं या कोई और है।



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