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Harshita Dawar

Drama

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Harshita Dawar

Drama

कमाल तो तब हुआ

कमाल तो तब हुआ

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कमाल तो तब हुआ

महज़ ख़्याल नहीं था।


जब पति के बटुए को

खोलकर फेंक दिया।


कमाल तो तब हुआ

जब ख़ुद के बटुए

पर नज़र गढ़ी।


कमाल तो तब हुआ।

जब ख़ुद की नज़रों में

खुद ही मिसाल बन गई।


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