STORYMIRROR

Pramila Singh

Tragedy

3  

Pramila Singh

Tragedy

कलाकार मरता नहीं

कलाकार मरता नहीं

1 min
274

पर्दे पर जब तुम रोये फिर कौन अपनी आंखें भिगोता नहीं

अभिनय से ‌अपने जब तुमने गुदगुदाया फिर कौन है जो हंसता नहीं

जीवन का सूरज भले ढल जाए हुनर का सितारा ढलता नहीं

जिंदा रहता है दिलों में, इरफान तुम जैसा कलाकार, मरता नहीं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy