Pramila Singh
Inspirational
पाने की ललक जब हो बरकरार
तो खो देने का डर कैसा
क़िस्मत तेरे साथ खेल खेलेगी जरूर,
तू अपने पौरुष पर कर भरोसा
एक मोती हाथ से फिसल गया तो क्या
जग तो अथाह सागर जैसा
डुबकी फिर लगा, हाथ फिर बढ़ा,
ढूंढ ला दूसरा मोती अद्भुत सा
ख्वाबों के नग...
शिक्षक का योग...
कुर्बान हो गए
चाँद पाने को ...
क़ैद की मुद्द...
देर बहूत कर द...
तसल्ली है
मैदान में उतर...
खोने का डर कै...
सही समय की कर...
नववर्ष के उल्लास की फुहार से, हर किसी का जीवन हरा - भरा रहे । नववर्ष के उल्लास की फुहार से, हर किसी का जीवन हरा - भरा रहे ।
वास्तविक ज्ञान अपने अज्ञान की सीमा को जानना है। वास्तविक ज्ञान अपने अज्ञान की सीमा को जानना है।
समय रहते कर ले तू कुछ अच्छा काम। समय चला जाता है कर्मफल है साथ चलता समय रहते कर ले तू कुछ अच्छा काम। समय चला जाता है कर्मफल है साथ चलता
कल भी जिन्दगी एक अबूझ पहेली थी, आज भी है पहेली, हर पल एक कशमकश, बड़ी जद्दोजहद, अजीब है, कल भी जिन्दगी एक अबूझ पहेली थी, आज भी है पहेली, हर पल एक कशमकश, बड़ी जद्दोजहद,...
सदियां गुज़र गई और वो काला दौर भी धुंधला हो रहा है। सदियां गुज़र गई और वो काला दौर भी धुंधला हो रहा है।
मैं एक महिला को नमस्कार करता हूं। सौंदर्यशास्त्र के लिए। मैं एक महिला को नमस्कार करता हूं। सौंदर्यशास्त्र के लिए।
कलकल करती मधुर संगीत गुनगुनाती शांत माहौल में भी धुन बिखरा देती है। कलकल करती मधुर संगीत गुनगुनाती शांत माहौल में भी धुन बिखरा देती है।
हजारों तारों सा उनका है प्रकाश ना खोने देना उन पर जो है विश्वास। हजारों तारों सा उनका है प्रकाश ना खोने देना उन पर जो है विश्वास।
वक़्त की शाख पर सूखे पत्ते लगे हैं। वक़्त की शाख पर सूखे पत्ते लगे हैं।
चलो अमन का रामसेतु बनाते हैं, चलो नफ़रत की लंका ढहाते हैं। चलो अमन का रामसेतु बनाते हैं, चलो नफ़रत की लंका ढहाते हैं।
कहने लगी पार्वती, महादेव महान हो मन की इच्छा पूरी करो सर्वशक्तिमान हो। कहने लगी पार्वती, महादेव महान हो मन की इच्छा पूरी करो सर्वशक्तिमान हो।
एक अनुभूति, दृष्टि दोनों तुझसे हर पल दर्शन को तरसे आनंद का अतुलनीय धाम है माँ। एक अनुभूति, दृष्टि दोनों तुझसे हर पल दर्शन को तरसे आनंद का अतुलनीय धाम ह...
हे आसमान तुम सुंदर लग रहे हो आज उद्बोधन हे स्वेत रूप धारण किये हुए तुम। हे आसमान तुम सुंदर लग रहे हो आज उद्बोधन हे स्वेत रूप धारण किये हुए तुम।
जब हृदय बसे हों मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, फिर बुराई रूपी रावण का दहन ही हो अंजाम। जब हृदय बसे हों मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, फिर बुराई रूपी रावण का दहन ही हो...
माँ मैं कोमल लता सी तेरा ही रूप हूँ मुझे लता समान ही सम्बल ले चढ़ने तो दो. माँ मैं कोमल लता सी तेरा ही रूप हूँ मुझे लता समान ही सम्बल ले चढ़ने तो दो.
पेड़ पर लगे पत्ते अनायास ही हरे से पीले पड़ जाते हैं आखिर। पेड़ पर लगे पत्ते अनायास ही हरे से पीले पड़ जाते हैं आखिर।
नन्हे-नन्हे मोती जब मिलते, बन जाता है हार, रिश्तों की डोरी से बंधकर, बनता है परिवार! नन्हे-नन्हे मोती जब मिलते, बन जाता है हार, रिश्तों की डोरी से बंधकर, बनता है ...
दो पल की जिंदगी है दो पल में मिट जाना है एक दिन सब को जाना है।। दो पल की जिंदगी। दो पल की जिंदगी है दो पल में मिट जाना है एक दिन सब को जाना है।। दो ...
खुशी का कोई रास्ता नहीं है, सुख पथ है, चिंता मत करो। खुशी का कोई रास्ता नहीं है, सुख पथ है, चिंता मत करो।
अनंत युगों से आज तक रावण को हम मारते आये । अनंत युगों से आज तक रावण को हम मारते आये ।