STORYMIRROR

Yudhveer Tandon

Abstract

3  

Yudhveer Tandon

Abstract

कल

कल

1 min
177

लगता कभी कभी जीवन में

घोर अँधेरा छाने वाला है

एक नई रौशनी लेकर आएगा

कल जो आने वाला है


अस्त व्यस्त जीवन हो जाए

लगे कि सब कुछ लुटने वाला है

होंसला मत टूटने देना उजला

एक कल जो आने वाला है


वक्त हो जैसा भी स्वयं से कहना

कि ये वक्त बदलने वाला है

आज भले ही सब कुछ बिगड़ रहा

पर कल जो आने वाला है


वर्तमान में परेशान कर लेना ध्यान

भविष्य में सब कुछ संभलने वाला है

डांवाडोल है आज जिंदगी गर तो क्या

अरे नया कल जो आने वाला है


आज बह रहा गर खून पसीने से मिललर

उसका भी कल फल आने वाला है

आज अगर आशा के अनुकूल नहीं भी है

तो क्या कल तो आने वाला है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract