मजबूर
मजबूर
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कभी किसी की खुशी के लिए
कभी किसी की हँसी के लिए
होना ही पड़ता है मुझे मजबूर
हर किसी की
चाह कर भी व अनचाहे भी
जानकर भी व अनजाने भी
सहना पड़ता है बहुत कुछ
मन के माने या मनमाने भी
फरियाद जो कोई सुन ले
राह जो कोई चुन ले
कुछ तो हो ऐसा
कि आह तो कोई सुन ले
