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Sudhir Badola

Romance

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Sudhir Badola

Romance

किवाड़

किवाड़

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घर की किवाड़ से उसने जो निहारा

मैंने दिल के दरवाज़े खोल दिए 

वो शब्दों के जाल बुनती जब तलक

मेरी आँखो ने दिल के जज़्बात बोल दिए।


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