Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer
Become a PUBLISHED AUTHOR at just 1999/- INR!! Limited Period Offer

Rajit ram Ranjan

Tragedy

2  

Rajit ram Ranjan

Tragedy

कितनी मोहब्बत थी !

कितनी मोहब्बत थी !

1 min
402


फुट-फुट कर रोयेगी

बैठ के किसी कोने में,

वो भी मुझे छोड़कर, 

कितनी मोहब्बत थी, 

मुझे उससे। 


पता चलेगा ज़ब जायेगा

कोई उसका दिल तोड़कर, 

बीच राह में तन्हा छोड़कर !


फिर मेरे इश्क़ की

क़द्र होगी उसे, 

ज़ब समझ में आएगा कि 

कितनी मोहब्बत थी। 


वो बेपनाह फिर

टूटकर चाहेगी मुझे, 

मगर मैं बहुत दूर

जा चुका हुंगा !


वो आवाज देगी, 

चीखेगी, चिल्लायेगी

खुद को कोसेगी, 

भला-बुरा कहेगी,

अपने आपको। 


शायद वो अब

समझ पायेगी कि 

कितनी मोहब्बत थी !


Rate this content
Log in