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Rajit ram Ranjan

Romance

4  

Rajit ram Ranjan

Romance

किसी कि याद आती है !

किसी कि याद आती है !

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बाहों में गुजरते थे,

अपने वो दिन, 

वक़्त यूँ ही कट जाता था, अंगुलियों पर गिन-गिन... 

दिल पे रेत उड़ रही हैं, 

आँखें ये भूल जाती हैं,  


किसी कि याद आती हैं तो ये भी याद आता हैं, 

तेरा चले जाना दिल को बहुत रुलाता हैं... 

नज़र कुछ भी नहीं आता... 

किसी कि याद आती हैं तो ये भी याद आता हैं....!


लबों पे कुछ हसीं थी अब नहीं रही,

दिल जलने लगा हैं धीरे-धीरे,कहीं-कहीं... 

अब होश में नहीं ये ख़ुद को पाता हैं,  

किसी कि याद आती हैं तो ये भी याद आता हैं....!


मुरझाई कलियाँ फ़िर से खिलतीं नहीं, 

जिसे दिल से चाहो वो मिलती नहीं, 

इस दिल को आज सब याद आता हैं, 

किसी कि याद आती हैं तो ये भी याद आता हैं....!


समझ अब आज ये आया कि अकेलापन क्या होता हैं, 

हसीं चेहरे पर हैं लाख, 

दिल फ़िर भी रोता हैं....

किसी कि याद आती हैं तो ये भी याद आता हैं....!


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